महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा और नागरिकों की लापरवाही साफ दिखी है। मोहर्ली मार्ग पर सड़क पार कर रहे एक बाघ को नागरिकों ने घेर लिया और वाहन से उतरकर उसके बेहद करीब जाकर एवं घेरकर वीडियो बनाने लगे। जैसे वह जंगल का बाघ नहीं कोई घरेलू बिल्ली हो। यदि उस समय बाघ ने लोगों पर हमला कर दिया होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद वन्यजीव सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
रविवार की शाम मोहर्ली रोड पर बाघ को देखते ही वहां से गुजर रहे कई वाहनों के चालक रुक गए। कुछ लोग तो गाड़ियों से उतर कर बाघ की ओर बढ़ने लगे और मोबाइल से फोटो तथा वीडियो बनाने लगे। लोगों की भीड़ और शोरगुल से बाघ परेशान दिखाई दिया।
वीडियो में साफ दिखाई देता है कि लोग बेहद लापरवाही से बाघ के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, जबकि बाघ भीड़ से निकलकर सुरक्षित जगह जाने का प्रयास कर रहा था। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में किसी को भी वाहन से नहीं उतरना चाहिए था और तुरंत वहां से आगे निकल जाना चाहिए था।
मोहर्ली के स्थानीय लोग जो इस सड़क से रोजाना आते-जाते हैं उनका कहना है कि इस तरह की घटनाओं का खामियाजा अंततः उन्हें ही भुगतना पड़ सकता है यदि लगातार परेशान होने पर बाघ आक्रामक हो गया तो सबसे पहले खतरा इसी क्षेत्र के लोगों को होगा।
चंद्रपुर-मोहर्ली मार्ग पर बाघों की आवाजाही सामान्य बात है यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व का बफर जोन होने के कारण गांव के लोगों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। कई लोग तो सिर्फ बाघ देखने की उम्मीद में यहां पहुंचने लगे हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति हमेशा जोखिम भरी रहती है।
इसके बावजूद लोगों की लापरवाही कम नहीं हुई है। वन विभाग ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि बाघ दिखने पर वाहन से न उतरें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
मिलिंद दिंन्डेवार की रिपोर्ट
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